कामधेनु योजना 2025: मध्य प्रदेश के किसानों, युवाओं और पशुपालकों के लिए डेयरी व्यवसाय शुरू करने का यह समय बेहद खास है। राज्य सरकार ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना 2025 के तहत डेयरी सेक्टर में बड़ा निवेश और रोजगार बढ़ाने की दिशा में अहम कदम उठाया है। इस योजना के जरिए न केवल दूध उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी आय और आत्मनिर्भरता को भी मजबूती मिलेगी। अगर आप भी डेयरी फार्म खोलने का सपना देख रहे हैं, तो यह योजना आपके लिए सुनहरा अवसर हो सकती है।
डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना क्या है?
डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना, मुख्यमंत्री पशुपालन विकास योजना का एक नया और महत्वपूर्ण घटक है। इसे 25 अप्रैल 2025 को मंजूरी दी गई थी। इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को आधुनिक डेयरी इकाई स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता और सब्सिडी प्रदान की जाती है।
योजना का मुख्य उद्देश्य
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना
दुग्ध उत्पादन में वृद्धि करना
युवाओं और पशुपालकों को स्वरोजगार से जोड़ना
डेयरी सेक्टर में निजी निवेश को बढ़ावा देना
डेयरी यूनिट की क्षमता और लागत
कितने पशुओं की डेयरी यूनिट लगेगी?
योजना के अंतर्गत एक यूनिट में न्यूनतम 25 दुधारू पशु शामिल होंगे।
इच्छुक और सक्षम लाभार्थी अधिकतम 8 यूनिट, यानी 200 दुधारू पशुओं तक की डेयरी परियोजना भी स्थापित कर सकते हैं।
अनुमानित लागत
25 दुधारू पशुओं की एक यूनिट की लागत लगभग ₹36 लाख से ₹42 लाख के बीच तय की गई है। इसमें शामिल हैं
पशुओं की खरीद
शेड और बुनियादी ढांचा
चारा और पानी की व्यवस्था
अन्य आवश्यक संसाधन
सब्सिडी का लाभ कितना मिलेगा?
कामधेनु योजना की सबसे बड़ी खासियत इसमें मिलने वाली आकर्षक सब्सिडी है।
सब्सिडी विवरण
अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग: कुल परियोजना लागत का 33% तक अनुदान
अन्य सभी वर्ग: कुल लागत का 25% तक अनुदान
शेष राशि: बैंक ऋण के माध्यम से उपलब्ध
इस व्यवस्था से डेयरी बिजनेस शुरू करने में शुरुआती पूंजी का दबाव काफी कम हो जाता है।
भूमि से जुड़ी जरूरी शर्त
योजना का लाभ लेने के लिए हितग्राही के पास कम से कम 3.50 एकड़ कृषि भूमि होना अनिवार्य है।
भूमि परिवार के संयुक्त खाते में हो सकती है, लेकिन इसके लिए परिवार के अन्य सदस्यों की सहमति जरूरी होगी।
यदि अधिक यूनिट लगाई जाती हैं, तो उसी अनुपात में भूमि भी आवश्यक होगी।
चयन प्रक्रिया कैसे होगी?
योजना में चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रखी गई है।
चयन के मुख्य आधार
आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन
चयन सामान्यत: पहले आओ–पहले पाओ के आधार पर
जो पशुपालक पहले से दुग्ध संघ या सहकारी संस्थाओं को दूध सप्लाई कर रहे हैं, उन्हें प्राथमिकता
ऋण वितरण की प्रक्रिया
स्वीकृत ऋण राशि लाभार्थी को चार चरणों में दी जाएगी। इससे डेयरी यूनिट को चरणबद्ध और व्यवस्थित तरीके से स्थापित किया जा सकेगा।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
आधार कार्ड
निवास प्रमाण पत्र
कृषि भूमि के दस्तावेज
बैंक खाता विवरण
जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
डेयरी या पशुपालन से संबंधित प्रशिक्षण प्रमाण पत्र
कामधेनु योजना में आवेदन कहां करें?
इच्छुक आवेदक पशुपालन एवं डेयरी विभाग, मध्य प्रदेश के आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
इसके अलावा अपने जिले के पशु चिकित्सा सेवा कार्यालय से भी मार्गदर्शन और जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
FAQs – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. कामधेनु योजना किस राज्य के लिए है?
यह योजना फिलहाल मध्य प्रदेश के निवासियों के लिए लागू है।
2. क्या बिना अनुभव के आवेदन किया जा सकता है?
हाँ, लेकिन डेयरी या पशुपालन से जुड़ा प्रशिक्षण प्रमाण पत्र होने पर प्राथमिकता मिलती है।
3. क्या छोटे किसान भी इस योजना का लाभ ले सकते हैं?
यदि भूमि और अन्य शर्तें पूरी होती हैं, तो छोटे किसान भी आवेदन कर सकते हैं।
4. सब्सिडी सीधे खाते में मिलेगी या लोन में समायोजित होगी?
सब्सिडी राशि परियोजना लागत में समायोजित की जाती है, जिससे लोन का बोझ कम होता है।
5. आवेदन की अंतिम तारीख क्या है?
अंतिम तारीख राज्य सरकार द्वारा अलग-अलग जिलों के अनुसार जारी की जाती है, इसलिए समय-समय पर पोर्टल चेक करें।
निष्कर्ष
डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना 2025 मध्य प्रदेश में डेयरी बिजनेस शुरू करने के इच्छुक लोगों के लिए एक मजबूत और भरोसेमंद अवसर है। 33% तक की सब्सिडी, आसान बैंक ऋण और पारदर्शी चयन प्रक्रिया इस योजना को बेहद आकर्षक बनाती है। अगर आप भी स्थायी आय और आत्मनिर्भर भविष्य की ओर कदम बढ़ाना चाहते हैं, तो आज ही इस योजना की जानकारी लेकर आवेदन की तैयारी शुरू करें।






