शीतलहर का कहर : उत्तर भारत में ठंड इस समय सिर्फ मौसम की खबर नहीं रही, बल्कि रोजमर्रा की ज़िंदगी को प्रभावित करने वाला बड़ा मुद्दा बन चुकी है। लगातार गिरता तापमान, घना कोहरा और शीतलहर ने जिला प्रशासन को अलर्ट मोड पर ला दिया है। सबसे ज्यादा चिंता छोटे बच्चों को लेकर है, क्योंकि डॉक्टर और स्वास्थ्य विशेषज्ञ पहले ही मान चुके हैं कि 3 से 6 वर्ष की उम्र के बच्चे ठंड से जल्दी प्रभावित होते हैं।
इसी को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश के कई जिलों में प्री-प्राइमरी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए अवकाश घोषित किया गया है। हाल ही में रामपुर और बलरामपुर जिले से जारी आदेशों ने अभिभावकों को बड़ी राहत दी है।
क्यों जरूरी हुआ छोटे बच्चों के लिए अवकाश
भारतीय मौसम विभाग (IMD) लगातार शीतलहर और कोहरे को लेकर चेतावनी जारी कर रहा है। ठंड के इस मौसम में सुबह-सुबह बच्चों को स्कूल या आंगनबाड़ी केंद्र भेजना जोखिम भरा हो सकता है। छोटे बच्चों में सर्दी, खांसी, निमोनिया और सांस संबंधी संक्रमण का खतरा तेजी से बढ़ता है।
यही वजह है कि जिला प्रशासन ने किताबों से पहले बच्चों की सेहत को प्राथमिकता दी है। यह फैसला व्यवहारिक भी है और जरूरी भी, क्योंकि पढ़ाई बाद में हो सकती है, लेकिन स्वास्थ्य से समझौता नहीं।
रामपुर में 31 दिसंबर 2025 तक आंगनबाड़ी बच्चों की छुट्टी
रामपुर जिले में ठंड की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा और समय पर फैसला लिया है। जारी आदेश के अनुसार आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले 3 से 6 वर्ष तक के सभी बच्चों के लिए 31 दिसंबर 2025 तक अवकाश घोषित किया गया है।
यह आदेश जिला अधिकारी के निर्देश पर जिला कार्यक्रम अधिकारी के माध्यम से जारी किया गया है। प्रशासन ने साफ कहा है कि यह निर्णय बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर लिया गया है, ताकि उन्हें ठंड और कोहरे में घर से बाहर न निकलना पड़े।
ध्यान देने वाली बात यह है कि छुट्टी केवल बच्चों के लिए है। इस दौरान आंगनबाड़ी केंद्र खुले रहेंगे और कार्यकर्ता केंद्र पर उपस्थित रहकर पोषण आहार वितरण, रिकॉर्ड अपडेट और अन्य विभागीय कार्य नियमित रूप से करती रहेंगी।
बलरामपुर में 15 जनवरी 2026 तक लंबा अवकाश
बलरामपुर जिले में ठंड की स्थिति और भी ज्यादा गंभीर बताई जा रही है। तापमान लगातार नीचे जा रहा है और सुबह-शाम घना कोहरा छाया रहता है। इसी वजह से प्रशासन ने यहां 20 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक प्री-प्राइमरी बच्चों के लिए अवकाश घोषित कर दिया है।
अधिकारियों का कहना है कि इस कड़ाके की ठंड में छोटे बच्चों को केंद्र पर बुलाना उनके स्वास्थ्य के लिए सही नहीं होगा। यहां भी साफ किया गया है कि छुट्टी सिर्फ बच्चों के लिए लागू होगी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां और सहायिकाएं तय समय पर केंद्र खोलेंगी और सभी सरकारी योजनाओं का कार्य जारी रखेंगी।
अन्य जिलों में भी बढ़ सकती हैं स्कूल छुट्टियां
प्रदेश में मौसम का मिजाज अभी सुधरता नहीं दिख रहा है। मौसम विभाग ने कई जिलों में शीतलहर और कोहरे का अलर्ट जारी किया है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में अन्य जिलों के प्री-प्राइमरी, प्राइमरी और अपर प्राइमरी स्कूलों की छुट्टियां भी बढ़ाई जा सकती हैं।
हालांकि अभी तक इस संबंध में कोई राज्य स्तरीय एक समान आदेश जारी नहीं हुआ है। इसलिए अभिभावकों को सलाह दी जा रही है कि वे केवल अपने जिले से जारी आधिकारिक प्रशासनिक आदेशों पर ही भरोसा करें, सोशल मीडिया की अफवाहों पर नहीं।
अभिभावकों को मिली बड़ी राहत
लगातार बढ़ती ठंड के बीच बच्चों की छुट्टी होना अभिभावकों के लिए किसी राहत से कम नहीं है। छोटे बच्चों को इस मौसम में गर्म और सुरक्षित वातावरण में रखना बेहद जरूरी होता है। कई माता-पिता का मानना है कि यह फैसला देर से नहीं, बल्कि बिल्कुल सही समय पर लिया गया है।
छुट्टियों के दौरान भी आंगनबाड़ी सेवाएं पूरी तरह बंद नहीं होंगी। पोषण आहार वितरण, टीकाकरण, स्वास्थ्य जांच, गृह भ्रमण और अन्य सरकारी योजनाओं का कार्य नियमित रूप से चलता रहेगा। इससे बच्चों की सेहत और सरकारी व्यवस्था, दोनों में संतुलन बना रहेगा।
निष्कर्ष
रामपुर और बलरामपुर में घोषित यह अवकाश यह दिखाता है कि प्रशासन अब सिर्फ नियमों से नहीं, बल्कि ज़मीनी हकीकत से फैसले ले रहा है। ठंड के इस दौर में बच्चों को स्कूल से ज्यादा देखभाल की जरूरत है। अगर मौसम इसी तरह बना रहा, तो आने वाले दिनों में और जिलों से भी ऐसे आदेश देखने को मिल सकते हैं।
अभिभावकों के लिए सबसे जरूरी बात यही है कि वे अपडेट के लिए अपने जिले की आधिकारिक सूचना पर नजर रखें और बच्चों की सेहत को सबसे ऊपर रखें। ठंड पढ़ाई से नहीं पूछती, इसलिए सावधानी ही सबसे समझदारी है।






