Computer Course Start 2026 January : अगर डिग्री हाथ में है, दिमाग में मेहनत है और जेब में मौके कम हैं, तो यह खबर आपके लिए है। Computer Course Start 2026 January से जुड़ी सरकारी पहल का मकसद सीधा और व्यावहारिक है—शिक्षित बेरोजगार युवाओं को कंप्यूटर स्किल्स के जरिए रोजगार के काबिल बनाना और ट्रेनिंग के दौरान आर्थिक सहारा देना। आज के जॉब मार्केट में कंप्यूटर ज्ञान कोई “एक्स्ट्रा स्किल” नहीं रहा, बल्कि बुनियादी जरूरत बन चुका है। सरकार भी इसी हकीकत को मानकर यह कदम उठा रही है।
Computer Course Start 2026 January क्या है?
यह योजना शिक्षित बेरोजगार युवाओं को कंप्यूटर आधारित प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ने पर केंद्रित है। जिन उम्मीदवारों के पास पहले से कंप्यूटर का बेसिक या एडवांस ज्ञान है, उन्हें स्किल-मैपिंग के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा। वहीं, जिनके पास अनुभव नहीं है, उन्हें 4 से 6 महीने का संरचित कंप्यूटर ट्रेनिंग कोर्स मिलेगा।
यह पहल भारत सरकार की स्किल डेवलपमेंट और डिजिटल एम्प्लॉयबिलिटी रणनीति के अनुरूप है, जैसा कि Skill India Mission, Digital India और राज्य स्तरीय रोजगार कार्यक्रमों में पहले से देखा गया है।
किस तरह के उम्मीदवारों को मिलेगी प्राथमिकता?
सरकार ने पात्रता को स्पष्ट रखा है ताकि सही उम्मीदवारों तक लाभ पहुंचे।
- उम्मीदवार 12वीं पास होना चाहिए
- 12वीं में कम से कम 60% अंक
- शिक्षित बेरोजगार युवक या युवती
- प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे या नौकरी की तलाश में हों
इसके अलावा, जिनके पास पहले से DCA, ADCA, CCC, Tally, Data Entry या अन्य मान्य कंप्यूटर कोर्स हैं, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। यह शर्तें इसलिए रखी गई हैं ताकि ट्रेनिंग के बाद रोजगार की संभावना वास्तविक बनी रहे, सिर्फ कागजी नहीं।
ट्रेनिंग के दौरान ₹60,000 कैसे मिलेंगे?
योजना की सबसे आकर्षक बात यही है। ट्रेनिंग के दौरान सरकार आर्थिक सहायता भी देगी, ताकि उम्मीदवार सीखने पर फोकस कर सके।
सहायता संरचना
- 4 महीने का कोर्स
- ₹15,000 प्रति माह
- कुल सहायता: ₹60,000
- 6 महीने का कोर्स
- ₹10,000 प्रति माह
- कुल सहायता: ₹60,000
यह राशि सीधे लाभार्थी के खाते में दी जाएगी, जैसा कि अन्य सरकारी स्कीम्स में DBT (Direct Benefit Transfer) के तहत किया जाता है।
कोर्स में क्या-क्या सिखाया जाएगा?
ट्रेनिंग पूरी तरह रोजगार-उन्मुख होगी। इसमें शामिल हो सकते हैं:
- कंप्यूटर बेसिक्स और ऑपरेटिंग सिस्टम
- MS Office और डेटा हैंडलिंग
- अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर (जैसे Tally)
- डेटा एंट्री और बेसिक डिजिटल टूल्स
- ऑफिस वर्क के लिए जरूरी डिजिटल स्किल्स
यह सिलेबस निजी क्षेत्र की जॉब रिक्वायरमेंट्स को ध्यान में रखकर तैयार किया जाता है, ताकि कोर्स के बाद “सीख लिया” नहीं, बल्कि “काम आ गया” वाली स्थिति बने।
इस योजना का उद्देश्य क्या है?
सरकार का उद्देश्य साफ है—शिक्षित बेरोजगारी कम करना। आज कई युवा 3–5 साल तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। मेहनत के बावजूद सफलता हर किसी को नहीं मिलती। ऐसे में यह योजना एक वैकल्पिक रास्ता खोलती है।
कंप्यूटर ट्रेनिंग के बाद उम्मीदवार प्राइवेट सेक्टर में ₹15,000 से ₹20,000 मासिक आय वाली नौकरी के लिए योग्य बन सकते हैं। यह कोई हवा-हवाई दावा नहीं है, बल्कि भारत के आईटी-सपोर्ट, डेटा एंट्री और ऑफिस एग्जीक्यूटिव सेक्टर की मौजूदा सैलरी ट्रेंड्स पर आधारित है।
आवेदन और विश्वसनीयता को लेकर जरूरी बात
सरकारी योजनाओं में एक समस्या हमेशा रहती है—अफवाहें। इसलिए आवेदन से पहले केवल आधिकारिक पोर्टल, राज्य रोजगार कार्यालय या स्किल डेवलपमेंट विभाग की वेबसाइट से ही जानकारी लें। सोशल मीडिया फॉरवर्ड पर भरोसा करना वैसा ही है जैसे बिना देखे ट्रेन पकड़ लेना।
भरोसेमंद स्रोत (References)
- Ministry of Skill Development & Entrepreneurship, Government of India
- Skill India Mission – Official Guidelines
- Digital India Programme – Employment & Training Initiatives
- State Employment & Skill Development Department Notifications
निष्कर्ष
Computer Course Start 2026 January कोई जादुई योजना नहीं है, लेकिन यह एक व्यावहारिक अवसर जरूर है। सही उम्मीदवार, सही ट्रेनिंग और सीमित लेकिन ठोस आर्थिक सहायता—ये तीनों मिलकर रोजगार की दिशा में मजबूत कदम बनाते हैं। अगर आप सीखने के लिए तैयार हैं, तो यह योजना सिर्फ ₹60,000 नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत दे सकती है।






