School Closed : सर्दी का मौसम आते ही उत्तर भारत में एक सवाल हर घर, हर स्कूल और हर व्हाट्सएप ग्रुप में गूंजने लगता है—“कल स्कूल बंद रहेगा या नहीं?”
इस बार जवाब साफ है। School Closed की आधिकारिक घोषणा हो चुकी है और यह खबर छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों—तीनों के लिए राहत लेकर आई है।
उत्तर प्रदेश में बढ़ती ठंड और घने कोहरे को देखते हुए केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) ने विंटर वेकेशन का शेड्यूल जारी कर दिया है। इसके तहत 23 दिसंबर 2025 से 11 जनवरी 2026 तक सभी केंद्रीय विद्यालय बंद रहेंगे। यह फैसला न केवल मौसम की सच्चाई को स्वीकार करता है, बल्कि बच्चों की सेहत और पढ़ाई—दोनों को संतुलित रखने की कोशिश भी करता है।
School Closed: क्या बदला है इस बार?
हर साल सर्दियों की छुट्टियां होती हैं, लेकिन इस बार एक बड़ा बदलाव दिखता है—स्पष्टता।
पहले छुट्टियों की अवधि को लेकर भ्रम रहता था। कहीं 10 दिन, कहीं 15 दिन। इस बार KVS ने पहले ही पूरा शेड्यूल जारी कर दिया।
- सभी केंद्रीय विद्यालय (Kendriya Vidyalaya)
- PM SHRI स्कूल
- उत्तर प्रदेश क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले स्कूल
इन सभी में 23 दिसंबर से 11 जनवरी तक पूर्ण अवकाश रहेगा। इससे माता-पिता को यात्रा और पारिवारिक योजनाएं बनाने में आसानी होगी, और बच्चों को भी “कल स्कूल है या नहीं” वाली टेंशन से छुट्टी मिलेगी।
सरकार ने School Closed का फैसला क्यों लिया?
यह सवाल सबसे अहम है। छुट्टी सिर्फ आराम के लिए नहीं दी जाती, इसके पीछे ठोस कारण होते हैं।
1. बढ़ती ठंड और घना कोहरा
उत्तर प्रदेश में दिसंबर और जनवरी के दौरान तापमान तेजी से गिरता है। कई जिलों में सुबह के समय दृश्यता बेहद कम हो जाती है। ऐसे में बच्चों का स्कूल जाना जोखिम भरा हो सकता है।
2. बच्चों की सेहत सर्वोपरि
ठंड में छोटे बच्चों को सर्दी, खांसी, फ्लू और सांस से जुड़ी समस्याएं जल्दी घेर लेती हैं। KVS का यह फैसला स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता देता है, जो एक जिम्मेदार कदम है।
3. पढ़ाई की गुणवत्ता बनाए रखना
ठंड में जब बच्चे स्कूल पहुंच भी जाते हैं, तब ध्यान पढ़ाई में कम और ठंड से बचने में ज्यादा रहता है। छुट्टी के बाद जब छात्र तरोताजा होकर लौटते हैं, तो सीखने की क्षमता बेहतर होती है।
UP KVS Winter Vacation 2025–26 की खास बातें
इस साल की विंटर वेकेशन कुछ मायनों में खास है:
- लगभग 20 दिनों की लंबी छुट्टी
- छात्रों को मानसिक और शारीरिक आराम
- शिक्षकों को भी योजना और तैयारी का समय
- पूरे यूपी में एक समान शेड्यूल, जिससे भ्रम खत्म
यह छुट्टी “सिर्फ ब्रेक” नहीं है, बल्कि रीचार्ज का मौका है। और हां, यह भी सच है कि होमवर्क से पूरी तरह छुट्टी शायद न मिले—क्योंकि शिक्षक शिक्षक होते हैं।
क्या सभी स्कूलों पर लागू है यह आदेश?
यहां स्पष्टता जरूरी है।
यह घोषणा केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) और PM SHRI स्कूलों के लिए है। राज्य बोर्ड या निजी स्कूलों के लिए छुट्टियों का फैसला राज्य सरकार या जिला प्रशासन स्थानीय मौसम के आधार पर करता है।
इसलिए अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने स्कूल की आधिकारिक सूचना जरूर जांचें।
अभिभावकों और छात्रों के लिए जरूरी सलाह
छुट्टी का मतलब यह नहीं कि दिन-रात मोबाइल और टीवी। थोड़ा संतुलन जरूरी है।
- बच्चों को हल्की पढ़ाई से जुड़े रखें
- सुबह की धूप में बैठने की आदत डालें
- ठंड में बाहर जाने से पहले उचित कपड़े पहनाएं
- स्कूल खुलने से पहले रूटीन धीरे-धीरे ठीक करें
याद रखें, छुट्टी का असली मकसद आराम के साथ तैयारी भी है।
आधिकारिक जानकारी कहां से लें?
भ्रम से बचने के लिए हमेशा विश्वसनीय स्रोत देखें:
- केंद्रीय विद्यालय संगठन की आधिकारिक वेबसाइट (kvsangathan.nic.in)
- संबंधित विद्यालय द्वारा जारी नोटिस
- स्कूल का आधिकारिक मैसेज या नोटिस बोर्ड
सरकारी छुट्टियों से जुड़ी जानकारी में अफवाहों से दूरी रखना ही समझदारी है।
निष्कर्ष
School Closed की यह घोषणा सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि एक व्यावहारिक और मानवीय फैसला है। बढ़ती ठंड में बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा की गुणवत्ता—दोनों को ध्यान में रखकर लिया गया यह कदम सराहनीय है।
अब बच्चों के पास आराम करने, किताबों से दोस्ती बनाए रखने और नए साल की शुरुआत ताजगी के साथ करने का मौका है।
और अभिभावकों के लिए राहत की बात यह है कि कम से कम कुछ दिनों तक सुबह-सुबह “उठो, स्कूल के लिए देर हो रही है” नहीं कहना पड़ेगा।
Disclaimer: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। स्कूल बंद रहने और छुट्टियों से जुड़ी अंतिम व आधिकारिक जानकारी के लिए संबंधित केंद्रीय विद्यालय या KVS की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी नोटिस अवश्य देखें। मौसम या प्रशासनिक कारणों से तिथियों में बदलाव संभव है।






